दुकान का GST बिल कैसे बनाएं: बिल में क्या-क्या होना चाहिए
यह सामान्य जानकारी है। आपके व्यापार पर कौन सा GST नियम लागू होगा, यह अपने CA या टैक्स सलाहकार से ज़रूर पूछें।
GST बिल में आम तौर पर क्या होता है
- दुकान का नाम, पता और GSTIN (अगर GST पंजीकरण है)
- बिल नंबर (क्रमवार) और तारीख
- ग्राहक का नाम, और व्यापारी ग्राहक हो तो उसका GSTIN
- हर सामान का विवरण, मात्रा, कीमत और HSN कोड
- GST की दर और रकम: राज्य के भीतर बिक्री में CGST और SGST, राज्य से बाहर IGST
- कुल रकम, राउंड-ऑफ और शब्दों में रकम
CGST, SGST और IGST
राज्य के भीतर की बिक्री पर GST दो बराबर हिस्सों में बंटता है: केंद्र का CGST और राज्य का SGST। दूसरे राज्य में बिक्री पर पूरा IGST लगता है।
HSN कोड क्यों
HSN कोड से सामान की पहचान होती है और उसी से दर तय होती है। सही दर और HSN के लिए CA से पुष्टि कर लें, क्योंकि गलत दर से जुर्माना हो सकता है।
सॉफ्टवेयर से क्या आसान होता है
Tejas Billing App में CGST/SGST का बंटवारा, वित्त वर्ष के हिसाब से बिल नंबर, राउंड-ऑफ, शब्दों में रकम और माह-वार GST रिपोर्ट (Excel/CSV) अपने आप बनती है। नए सामान पर AI GST दर और HSN का सुझाव देता है। यह सिर्फ सुझाव है, इसे हमेशा अपने CA से जांच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हर दुकान को GST बिल बनाना ज़रूरी है?
यह आपके पंजीकरण और टर्नओवर पर निर्भर करता है। अपने CA से पूछें।
क्या Tejas Billing App GST रिटर्न फाइल करता है?
नहीं। यह बिक्री का GST सारांश देता है जिसे आप अपने CA को दे सकते हैं या रिटर्न भरने में इस्तेमाल कर सकते हैं। रिटर्न आपको या आपके CA को फाइल करना होता है।