कागज़ के खाते से डिजिटल खाते पर कैसे जाएं: दुकानदार के लिए गाइड
कई दुकानदार कागज़ की खाता-बही से ही काम चलाते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं। पर जब ग्राहक और सामान बढ़ने लगते हैं तो हिसाब में गलती और समय की बर्बादी बढ़ती है।
डिजिटल खाते के फायदे
- हर बिल और उधार खुद जुड़ता है, जोड़ने में गलती कम।
- किसका कितना बकाया है, एक नज़र में दिखता है।
- स्टॉक कम होने और सामान की एक्सपायरी की चेतावनी मिलती है।
- GST की रिपोर्ट महीने के हिसाब से निकल आती है, CA को देना आसान।
- खाता खोने, फटने या भीगने का डर नहीं, डेटा बैकअप में रहता है।
आम डर और जवाब
"मुझे कंप्यूटर चलाना नहीं आता।"
बिलिंग ऐप मोबाइल पर चलता है और सामान चुनकर बिल बनता है। पहले 7 दिन फ्री में आज़मा सकते हैं।
"इंटरनेट न चला तो?"
Tejas Khata Book में इंटरनेट टूटने पर भी बिलिंग चलती है और वापस आने पर सिंक हो जाती है।
"मेरा डेटा कौन देखेगा?"
हर दुकान का लॉगिन अलग है और आप अपना डेटा Excel/CSV में निकाल सकते हैं। विवरण Privacy Policy में हैं।
शुरू करने के आसान कदम
- पहले हफ्ते सिर्फ बिल ऐप में बनाएं, पुराना खाता भी चलने दें।
- ग्राहकों के फोन नंबर के साथ उधार दर्ज करें।
- दूसरे हफ्ते से सामान और स्टॉक भरें।
- महीने के अंत में GST रिपोर्ट और बकाया सूची देखें।
Tejas Technology के सॉफ्टवेयर से यह सब आसान होता है। सखी MIS (SHG) · Tejas Khata Book (दुकान का बिलिंग)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पुराने ग्राहकों का उधार ऐप में डाल सकते हैं?
हां, ग्राहक जोड़कर उनका मौजूदा बकाया दर्ज किया जा सकता है ताकि आगे का हिसाब एक जगह रहे।
कितना खर्च आता है?
Tejas Khata Book ₹300/माह या ₹3,000/वर्ष है (festival offer 15 Nov तक; regular ₹500/₹5,000), और 7 दिन फ्री ट्रायल मिलता है।