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स्वयं सहायता समूह (SHG) कैसे बनाएं: शुरुआत के आसान कदम

अपडेट: 2026-10-17 · लेखक: Tejas Technology

SHG बनाना मुश्किल नहीं है, बस शुरुआत में नियम साफ रखने पड़ते हैं। नीचे आम तौर पर अपनाए जाने वाले कदम हैं। आपके राज्य या मिशन के अपने निर्देश हों तो वही मानें।

1. सही सदस्य चुनें

आम तौर पर एक जैसी आर्थिक स्थिति वाली और एक-दूसरे पर भरोसा करने वाली लगभग 10 से 20 महिलाएं समूह बनाती हैं। सब एक ही गांव या मोहल्ले की हों तो बैठक आसान रहती है।

2. समूह का नाम और नियम तय करें

3. पदाधिकारी चुनें

बैठक चलाने, रजिस्टर संभालने और पैसे का हिसाब रखने की ज़िम्मेदारी अलग-अलग लोगों को दें और समय-समय पर बदलते रहें।

4. नियमित बैठक और बचत शुरू करें

पहले दिन से तय दिन पर बैठक करें, बचत लें और सब कुछ रजिस्टर में लिखें। यही पंचसूत्र की नींव है।

5. रजिस्टर और बैंक खाता

उपस्थिति और कार्यवृत्त, बचत, ऋण और रोकड़ बही के रजिस्टर रखें। समूह के नाम पर बैंक बचत खाता खुलवाएं। बैंक जो दस्तावेज़ मांगे, उनकी सूची पहले पूछ लें।

6. मिशन या NGO से जुड़ें

अपने ब्लॉक के ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यालय या किसी प्रमोटिंग संस्था से संपर्क करें। वे प्रशिक्षण और आगे के कदमों में मदद करते हैं।

Tejas Technology के सॉफ्टवेयर से यह सब आसान होता है। सखी MIS (SHG) · Tejas Billing App (दुकान का बिलिंग)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SHG में कितने सदस्य होने चाहिए?

आम तौर पर 10 से 20। राज्य और मिशन के अनुसार यह थोड़ा अलग हो सकता है।

क्या हिसाब मोबाइल पर रखा जा सकता है?

हां, सखी MIS में बचत, ऋण और बैठक का हिसाब मोबाइल पर दर्ज होता है।