SHG की रोकड़ बही (कैश बुक) कैसे लिखें
रोकड़ बही में समूह के हाथ में आई हर रकम और गई हर रकम की तारीख के साथ एंट्री होती है। यह सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला रजिस्टर है।
दो हिस्से
- आमद (जमा): सदस्यों की बचत, ऋण की किस्त, ब्याज, जुर्माना, बैंक से निकासी।
- खर्च (नाम): सदस्यों को दिया ऋण, बैंक में जमा, रजिस्टर या अन्य खर्च।
हर बैठक में मिलान
- शुरुआती नकद लिखें (पिछली बैठक का बचा हुआ)।
- सारी आमद जोड़ें और लिखें।
- सारा खर्च जोड़ें और लिखें।
- आमद + शुरुआती नकद − खर्च = अंत का नकद।
- यह रकम हाथ में असली नकद से मिलाएं। न मिले तो उसी बैठक में कारण ढूंढें।
सुझाव
- हर एंट्री के आगे तारीख और कारण लिखें।
- कोई भी एंट्री मिटाएं नहीं। गलती हो तो एक लाइन खींचकर सही एंट्री लिखें।
- बैंक पासबुक से समय-समय पर मिलान करें।
सखी MIS में बचत और किस्त की एंट्री होते ही आमद-खर्च का हिसाब अपने आप बनता है, जिससे जोड़ने की गलतियां घटती हैं।
Tejas Technology के सॉफ्टवेयर से यह सब आसान होता है। सखी MIS (SHG) · Tejas Billing App (दुकान का बिलिंग)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोकड़ बही और खाताबही में क्या फर्क है?
रोकड़ बही में सिर्फ नकद की आमद और खर्च लिखे जाते हैं। खाताबही में सदस्य-वार या मद-वार पूरा हिसाब रहता है।