SHG में बचत के नियम: कितनी बचत, कब और कैसे लें
बचत SHG की बुनियाद है। इसी बचत से समूह का फंड बनता है और उसी से सदस्यों को ऋण मिलता है। इसलिए बचत नियमित और सही लिखी हुई होनी चाहिए।
बचत की रकम कैसे तय करें
रकम ऐसी हो जो सबसे कमज़ोर सदस्य भी आराम से दे सके। समूह अपनी बैठक में सहमति से रकम तय करता है, कोई एक तय सरकारी रकम सब पर लागू नहीं होती।
नियम जो अपनाएं
- बचत तय दिन पर हर बैठक में ली जाए।
- बचत की रकम सबके सामने गिनी और लिखी जाए।
- जो सदस्य बचत नहीं दे पाए, उसका कारण दर्ज हो और अगली बैठक में बात हो।
- बचत की रकम बदलनी हो तो सबकी सहमति हो और कार्यवृत्त में लिखा जाए।
सही रिकॉर्ड
हर सदस्य की बचत की अलग एंट्री हो और कुल जमा हर बैठक में मिलाया जाए। सदस्य की पासबुक में भी वही रकम दर्ज हो।
सॉफ्टवेयर में
सखी MIS में हर बचत की एंट्री तारीख के साथ दर्ज होती है, सदस्य की पासबुक अपने आप अपडेट होती है और समूह का कुल फंड हमेशा सामने रहता है। सदस्य चाहे तो केवल-देखने वाले लॉगिन से अपनी बचत खुद देख सकती हैं।
Tejas Technology के सॉफ्टवेयर से यह सब आसान होता है। सखी MIS (SHG) · Tejas Khata Book (दुकान का बिलिंग)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बचत की रकम बाद में बदली जा सकती है?
हां, अगर समूह की सहमति हो। बदलाव कार्यवृत्त में ज़रूर लिखें।