SHG का बैंक लिंकेज कैसे करें: तैयारी की चेकलिस्ट
बैंक लिंकेज का मतलब है कि SHG को बैंक से खाता और ऋण की सुविधा मिले। नियम बैंक और योजना के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए अपनी शाखा या मिशन अधिकारी से अंतिम सूची ज़रूर लें। नीचे आम तैयारी दी गई है।
बैंक जाने से पहले की तैयारी
- समूह का बचत खाता: समूह के नाम से बैंक खाता, जिसमें बचत नियमित जमा हो।
- नियमित बैठक और बचत: बैंक आम तौर पर देखता है कि समूह कुछ महीनों से नियमित चल रहा है या नहीं।
- आंतरिक ऋण का रिकॉर्ड: समूह ने आपस में ऋण कैसे दिए और कितनी वापसी हुई।
- पूरे और मिलान किए हुए रजिस्टर: उपस्थिति, बचत, ऋण, रोकड़ बही और बैंक पासबुक।
- पंचसूत्र की स्थिति: पांचों सूत्रों में समूह कहां खड़ा है।
- सदस्यों के दस्तावेज़: बैंक की सूची के अनुसार पहचान और पते के कागज़।
बैंक अधिकारी क्या देखते हैं
अनुशासन (बैठक, बचत, वापसी), पारदर्शी हिसाब और सदस्यों की आपसी सहमति। हिसाब में गड़बड़ी या रजिस्टर अधूरे हों तो बात अटक सकती है।
तैयारी में सॉफ्टवेयर कैसे मदद करता है
सखी MIS में बचत, ऋण और बैठक का हिसाब अपने आप जुड़ता है और पंचसूत्र का लाइव स्कोर दिखता है। इससे समूह को बैंक जाने से पहले ही पता चल जाता है कि कमी कहां है। यह स्कोर मार्गदर्शन के लिए है, बैंक की आधिकारिक ग्रेडिंग नहीं। रिपोर्ट प्रिंट या साझा करके बैंक को दिखा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बैंक लिंकेज के लिए SHG कितना पुराना होना चाहिए?
यह बैंक और योजना पर निर्भर है। आम तौर पर कुछ महीनों की नियमित बैठक और बचत देखी जाती है। अपनी शाखा से पूछ लें।
क्या सॉफ्टवेयर की रिपोर्ट बैंक मानेगा?
रिपोर्ट आपके हिसाब को साफ दिखाती है, पर बैंक अपनी ज़रूरत के अनुसार दस्तावेज़ मांग सकता है। शाखा से पहले पूछ लें।