SHG के पदाधिकारी: अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष की ज़िम्मेदारियां
SHG में पद बांटने का मक़सद यह है कि काम बंट जाए और किसी एक पर सब कुछ न रहे। पदों के नाम और नियम मिशन या समूह की उपविधि के अनुसार बदल सकते हैं।
आम तौर पर तीन ज़िम्मेदारियां
- अध्यक्ष: बैठक चलाना, सबको बोलने का मौका देना और फैसलों में सहमति बनाना।
- सचिव: उपस्थिति और कार्यवृत्त लिखना, रजिस्टर संभालना और बैंक व दफ्तर से संपर्क।
- कोषाध्यक्ष: बचत और किस्त की रकम लेना, रोकड़ का हिसाब और बैंक में जमा।
पारदर्शिता के लिए
- पद बारी-बारी से बदलें ताकि सबको अनुभव मिले।
- पैसे का लेन-देन सबके सामने हो और सबके सुनते ही दर्ज हो।
- रजिस्टर और पासबुक सब सदस्य देख सकें।
- बैंक खाते का संचालन एक से अधिक पदाधिकारी के हस्ताक्षर से हो।
सॉफ्टवेयर पारदर्शिता कैसे बढ़ाता है
सखी MIS में हर सदस्य की अपनी पासबुक है और समूह चाहे तो सदस्य फोन नंबर और आधार के अंतिम 4 अंकों से केवल देखने वाले मोड में अपना और समूह का हिसाब देख सकती हैं। इससे किसी एक पदाधिकारी पर निर्भरता घटती है।
Tejas Technology के सॉफ्टवेयर से यह सब आसान होता है। सखी MIS (SHG) · Tejas Khata Book (दुकान का बिलिंग)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पदाधिकारी बदलना ज़रूरी है?
ज़रूरी होना समूह की उपविधि पर निर्भर है, पर बारी-बारी से बदलना अच्छी प्रथा मानी जाती है।